Sunday, May 30, 2021

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट इंसर्शन सिस्टम ( structure and working principle of projectile loom weft insertion system)

 

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट इंसर्शन सिस्टम:

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट इंसर्शन सिस्टम एक अन्य प्रकार का  गैर पारंपरिक वेफ्ट  इंसर्शन सिस्टम है। प्रोजेक्टाइल लूम गैर-पारंपरिक लूम्स के  श्रेणी में केवल ऐसा  लूम  है जो कपड़े की बुनाई के दौरान शून्य प्रतिशत वेफ्ट  सेल्वेज वेस्ट पर कपड़े बुनता है।


प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट  इंसर्शन सिस्टम का वेफ्ट  पैसेज:

वेफत  पैकेज वेफत  क्रील पर लगा होता है। सबसे पहले, वेफत  यार्न वेफ्ट एकुमुलेटर  से होकर गुजरता है। यह वेफ्ट एकुमुलेटर   स्थिर  फिलिंग टेंशन पर नियमित वेट यार्न की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। यह  एकुमुलेटर बाने के पैकेज के बाद लगा होता है । इसके बाद, बाने का धागा फिलिंग ब्रेक से होकर गुजरता है और फिर यह फिलिंग टेंशनर से होकर गुजरता है। अब बाने का धागा रिटर्नर से होकर गुजरता है। अंत में, बाने के धागे को प्रोजेक्टाइल फीडर  द्वारा मजबूती से पकड़ लिया जाता है।

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट  इंसर्शन का वेफ्ट  इंसर्शन साइकल:

सबसे पहले, कन्वेयर चेन प्रोजेक्टाइल को प्रोजेक्टाइल लिफ्टर के ऊपर धकेलता है। प्रोजेक्टाइल ओपनर ग्रिपर को खोलता है। इसके बाद,  प्रोजेक्टाइल लिफ्टर  प्रोजेक्टाइल को ऊपर उठाता है और उसे आवश्यक स्थिति में लाता है।

अब, वेफ्ट  ब्रेक खुल जाता है और प्रोजेक्टाइल फीडर प्रोजेक्टाइल की ओर बढ़ता है। यह  प्रोजेक्टाइल फीडर  प्रोजेक्टाइल के खुले हुए ग्रिपर्स के बीच में बाने के धागे को पहुंचाता है। जैसे ही वेफ्ट  फीडिंग प्रक्रिया पूरी होती है, प्रोजेक्टाइल ओपनर प्रोजेक्टाइल से बाहर आता है और प्रोजेक्टाइल के ग्रिपर्स बंद हो जाते हैं। प्रोजेक्टाइल फीडर वेफ्ट  यार्न को छोड़ देता  है जब प्रोजेक्टाइल के ग्रिपर्स वेफ्ट  यार्न को मजबूती से पकड़ लेते हैं।

 प्रोजेक्टाइल के शेड में प्रणोदन के दौरान  प्रोजेक्टाइल ब्रेक खुला रहता है। इसके बाद, पिकिंग आर्म पर लगा पिकिंग शू प्रोजेक्टाइल को पिकिंग साइड से रिसीविंग की तरफ बहुत जोर से टक्कर  मारता है। वेफ्ट  इंसर्शन के दौरान वेफ्ट  ब्रेक खुला रहता है। जैसे ही  प्रोजेक्टाइल रिसीविंग साइड  तक पहुँचता है,  प्रोजेक्टाइल ब्रेक इस  प्रोजेक्टाइल की गति को काम कर  देता है।  प्रोजेक्टाइल ब्रेक अब बंद हो जाता है। इस समय वेफ्ट  ब्रेक भी बंद रहता है।

जब  प्रोजेक्टाइल का संवेग पूरी तरह से ख़त्म हो  जाता है,  प्रोजेक्टाइल ब्रेक फिर से खुल जाता है। अब रिटर्नर हरकत में आता है और  प्रोजेक्टाइल को उसकी उचित स्थिति में वापस लाता है।

फैब्रिक सेल्वेज के दोनों तरफ लगे ग्रिपर्स वेफ्ट यार्न को मजबूती से पकड़ लेते हैं। अब प्रोजेक्टाइल फीडर वेफ्ट  यार्न को फिर से पिकिंग साइड पर पकड़ लेता है। प्रोजेक्टाइल ओपनर प्रोजेक्टाइल से वेफ्ट  यार्न को रिसीविंग साइड पर छोड़ता है और फिलिंग कटर वेफ्ट  यार्न को रिसीविंग साइड में काटता है। इस वेफ्ट इंसर्शन  चक्र को लगातार दोहराया जाता है। आप नीचे दिए गए योजनाबद्ध आरेख में संपूर्ण वेफ्ट इंसर्शन  चक्र को देख भी  सकते हैं:

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट  इंसर्शन सिस्टम के  कुछ महत्वपूर्ण हिस्सा।

प्रोजेक्टाइल लूम वेफ्ट  इंसर्शन सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्से  नीचे दिए गए  हैं :

प्रोजेक्टाइल:

इसकी लंबाई लगभग 90 मिमी होती है। इसका की  वजन सीमा 40 - 60 ग्राम होती  है। प्रोजेक्टाइल का बहार का कवर स्टील का बना होता है। इसके अंदर ग्रिपर लगे होते हैं। प्रोजेक्टाइल ओपनर की मदद से ग्रिपर के जबड़े को आवश्यकता के अनुसार खोलने के लिए ग्रिपर की तरफ एक छेद बनाया जाता है। इसे प्रोजेक्टाइल गाइड में 28 - 30 फीट प्रति सेकेंड की गति से प्रक्षेपित किया जाता है।  प्रोजेक्टाइल का  वास्तविक चित्र नीचे दिया गया है।

गाइड टीथ  और प्रोजेक्टाइल  गाइड:

कई गाइड टीथ  को एक सीधी रेखा में व्यवस्थित करके  प्रोजेक्टाइल गाइड का निर्माण किया जाता है। ये गाइड टीथ  एक सीधी रेखा में स्ले पर लगे होते हैं। अलाइनमेंट  गेज की सहायता से गाइड टीथ का उचित अलाइनमेंट  किया जाता है। प्रोजेक्टाइल इस प्रोजेक्टाइल गाइड के माध्यम से यात्रा करता है। प्रोजेक्टाइल गाइड में बाने का धागा रिलीज़ होता है लेकिन बीटिंग  के दौरान, वेफ्ट यार्न प्रत्येक गाइड टूथ में मौजूद खुले स्थान (स्लॉट) के माध्यम से प्रोजेक्टाइल गाइड से बाहर निकलता है। गाइड टीथ  की एक वास्तविक तस्वीर नीचे दी गई है:

कन्वेयर चेन (प्रोजेक्टाइल ट्रांसपोर्ट सिस्टम):

प्रोजेक्टाइल को केवल लूम की  पिकिंग साइड से प्रोजेक्टाइल गाइड में प्रोजेक्ट किया   जाता है। लूम  पर उपयोग किए जाने वाले प्रोजेक्टाइल  की संख्या उपयोग की गई रिड  स्पेस  पर निर्भर करती है। इन प्रोजेक्टाइल को कन्वेयर चेन की मदद से रिसीविंग साइड से पिकिंग साइड तक ले जाया जाता है। यह एक सिंप्लेक्स चेन है। कन्वेयर चेन पर एक निश्चित दूर के अंतराल पर प्रोजेक्शन्स लगे होते हैं। चैन  पर लगे दो आसन्न प्रोजेक्शन्स  के बीच 10 इंच की दूरी रखी जाती  है। प्रोजेक्टाइल  कन्वेयर चैन  पर गिरता है और कन्वेयर चैन  इस यात्रा पथ पर चलती है। यह कन्वेयर चेन वामावर्त दिशा में घूमती है। जब घूर्णन प्रोजेक्टाइल  यात्रा पथ के ऊपर से गुजरता है, तो यह प्रोजेक्टाइल  को धक्का देता है, और इस प्रोजेक्टाइल को  प्रोजेक्टाइल लिफ्टर  तक ले जाता है।



Sulzer प्रोजेक्टाइल वेफ्ट  इंसर्शन सिस्टम की पिकिंग मैकेनिज्म:

पिकिंग शू या मेटल पिकर 2 पिकिंग आर्म 3 पर लगा होता है। टोरसन बार 11 का फिक्स्ड सिरा  12 लूम के साइड फ्रेम पर फिक्स  होता है। टॉर्सन बार का दूसरा सिरा स्लीव 10 से होकर गुजरता है और पिकिंग आर्म से जुड़ा होता है। टॉर्सन  बार 11 को कैम फॉलोअर 5 के साथ टॉगल फॉर्मिंग आर्म्स 8,9 और आर्म 13 की मदद से भी जोड़ा जाता है। कैम 4 कैम फॉलोअर ५ को छूता है। कैम 4 को कैम शाफ्ट पर टाइट किया जाता  है। इस कैम शाफ्ट के बाहरी सिरे पर बेवल गियर लगा होता है। यह बेवल गियर ड्राइव शाफ्ट पर लगे दूसरे बेवल गियर के साथ जुड़ जाता है।

जब ड्राइव शाफ्ट घूमता है, तो कैम शाफ्ट भी घूमता है। यह कैम कैम फॉलोवर  को दबाता है। चूँकि टोरसन बार का एक सिरा स्थिर हो जाता है जिससे टोरसन बार का दूसरा सिरा ट्विस्ट हो  जाता है और उसमें ऊर्जा जमा हो जाती है। जैसे-जैसे कैम आगे बढ़ता है, टॉर्सन  बार अपनी मूल स्थिति में बहुत तेजी से आता है। जब टॉर्सन  बार अपनी मूल स्थिति में लौटता है, तो पिकिंग शू या मेटल पिकर जो की पिकिंग आर्म पर लगा होता है  वह  प्रोजेक्टाइल को बहुत अधिक ताकत  से हिट करता है और प्रोजेक्टाइल  पिकिंग साइड से रिसीविंग साइड की ओर पहुंच  जाता है।

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