Sunday, June 20, 2021

ओवर-पिक मोशन (पिकिंग मोशन) - over pick motion


ओवर-पिक मोशन: (पिकिंग मोशन)

इस प्रकार की पिकिंग मोशन  में, बाने के धागे को शेड के अंदर डालने बाला सिस्टम करघे के ऊपर की तरफ लगाया  जाता है। हम दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि ऐसा  पिकिंग मैकेनिज्म जो शटल को करघे के किनारे से लूम के ऊपर के तरफ से  टक्कर मारता है उसे ओवर-पिक मोशन कहा जाता है।

ओवर-पिक मोशन की संरचना :

ओवर-पिक मोशन बॉटम  शाफ्ट के माध्यम से गति प्राप्त करता है। यह तंत्र बॉटम   शाफ्ट के दोनों किनारों पर लगाया जाता है। एक क्लैंप और बोल्ट की मदद से बॉटम  शाफ्ट पर एक पिकिंग टैपेट लगाया जाता है। ये बोल्ट पिकिंग के समय को समायोजित करने में भी मदद करते हैं। इस गति में एक ऊर्ध्वाधर शाफ़्ट  का प्रयोग किया जाता है। ऊर्ध्वाधर शाफ्ट का एक सिरा फुटस्टेप बेयरिंग से जुड़ा होता है। इस ऊर्ध्वाधर शाफ्ट का दूसरा सिरा  लगभग मध्य में एक अन्य बिअरिंग  से होकर गुजरता है। यह ऊर्ध्वाधर शाफ्ट किसी भी दिशा में घूम सकता है। एक शंकु ऊर्ध्वाधर शाफ़्ट  के स्लॉट में जुड़ा हुआ है। इस कोन को स्टड और बोल्ट की मदद से लगाया जाता है। यह किसी भी दिशा में स्वतंत्र रूप से घूम  सकता है। ऊर्ध्वाधर शाफ्ट से एक पुलिंग स्प्रिंग  भी जुड़ा हुआ होता है।

एक ऊर्ध्वाधर शाफ्ट के शीर्ष पर एक पिकिंग स्टिक लगाई जाती है। एक कोणीय समायोजन प्रणाली पिकिंग स्टिक और स्ले के बीच के कोण को समायोजित करने में मदद करती है। एक पिकिंग स्ट्रैप, पिकिंग स्टिक के दूसरे सिरे से जुड़ी होती है। पिकिंग स्ट्रैप की प्रभावी लंबाई को आवश्यकता के अनुसार समायोजित किया जा सकता है। पिकिंग स्ट्रैप का दूसरा सिरा पिकर से जुड़ा होता है। यह पिकर नायलॉन से बना है। यह पिकर पिकिंग स्पिंडल पर स्लाइड करता है। शटल पिकर के सामने शटल बॉक्स में बिश्राम की स्थिति में रहती  है।

ओवर-पिक मोशन का कार्य सिद्धांत:


जब बॉटम  शाफ्ट घूमता है, तो बॉटम  शाफ्ट पर लगे पिकिंग टैपेट भी उसी दिशा में घूमते हैं। ऊर्ध्वाधर शाफ्ट पर लगा शंकु हमेशा पिकिंग टैपेट को छूता रहता  है। जब पिकिंग टैपेट की नोज  शंकु को छूती है और फिर जोर से धक्का देती है, तो ऊर्ध्वाधर शाफ्ट कोणीय गति प्राप्त करता है। चूंकि पिकिंग स्टिक इस वर्टिकल शाफ्ट पर लगाई जाती है इसलिए पिकिंग स्टिक आंशिक कोणीय गति प्राप्त करती है। पिकिंग स्ट्रैप के एक सिरे से जुड़ा पिकर शटल के सिरे से टकराता है। इस प्रकार शटल एक शटल बॉक्स से दूसरे शटल बॉक्स में जाती है।

जैसे ही पिकर शटल से टकराता है, वर्टिकल शाफ्ट पर लगा हुआ पुलिंग  स्प्रिंग वर्टीकल शाफ़्ट को   अपनी मूल स्थिति में  वापस लाता है। बॉटम  शाफ्ट क्रैंक शाफ्ट की आधी गति से घूमता है। बॉटम  शाफ्ट का एक चक्कर  दो पिकिंग चक्र उत्पन्न करता है।

No comments:

Post a Comment

Featured Post

फ्रिक्शन स्पिनिंग विधि, मुख्य विशेषताएं, सीमाएं, बुनियादी संरचना और फ्रिक्शन स्पिनिंग मशीन का कार्य सिद्धांत (Friction spinning method, main features, limitations, basic structure and working principle of friction spinning machine )

 फ्रिक्शन स्पिनिंग  विधि, मुख्य विशेषताएं, सीमाएं, बुनियादी संरचना और फ्रिक्शन स्पिनिंग  मशीन का कार्य सिद्धांत फ्रिक्शन स्पिनिंग क्या है? ....